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लैंड पूलिंग के दो जोनों में फ्लैट बनने का रास्ता हो रहा साफ

Posted By : Sep 05 2019

Posted On : Dwarka L Zone Consultants

 

राज्य ब्यूरो, नई दिल्‍ली: लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत सबसे पहले एन और पी-2 जोन में फ्लैट बनाए जाएंगे। इन्हीं दो जोन में किसानों ने जमीन का पंजीकरण कराने में सबसे ज्यादा रुचि दिखाई है। इन दोनों जोन का डेवलपमेंट प्लान भी जल्द ही बन जाएगा। इस बीच लैंड पूलिंग पॉलिसी में पंजीकरण कराने के लिए सात माह पहले शुरू किया पोर्टल शुक्रवार को बंद हो जाएगा।

11 अक्टूबर 2018 को अधिसूचित लैंड पूलिंग पॉलिसी में पंजीकरण के लिए दिल्‍ली विकास प्राधिकरण (डीडीए ) ने पांच फरवरी 2019 को पोर्टल लांच किया था। छह माह के लिए शुरू किए गए इस पोर्टल को बंद करने की अंतिम तिथि पहले 6 अगस्त थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 6 सितंबर कर दिया गया था। पांच जोनों एन, पी टू, के वन, एल और जे में विभक्त इस पॉलिसी को करीब एक सौ सेक्टरों में बांटा गया है।

20,000 से 22000 हेक्टेयर लैंड पर यह जोन विकसित होंगे। इस पॉलिसी के तहत जमीन के मालिक अपनी जमीन के पूल बना सकते हैं और उसे मास्टर प्लॉन के तहत विकसित कर सकते हैं।

बुधवार यानी चार सितंबर तक पॉलिसी के तहत 5,348 हेक्टेयर जमीन के लिए पंजीकरण हो चुका है। सबसे अधिक जमीन एन जोन में आई है, जहां 2,823 हेक्टेयर जमीन का पंजीकरण हुआ है। दूसरे नंबर पर पी-2 जोन है। यहां पर 1,070 हेक्टेयर जमीन का पंजीकरण हुआ है। तीसरे नंबर पर एल जोन है, जहां ,1251 हेक्टेयर जमीन का पंजीकरण हुआ है।

सबसे कम पंजीकरण के-। जोन में हुआ है, जहां अहज 204 हेक्टेयर जमीन पंजीकृत हुई है। जे जॉन के विकसित होने में ही संदेह हे'॥क्योंकि यहां जमीन के पंजीकरण को किसान आगे ही नहीं आ रहे हैं।

दूसरी तरफ पंजीकरण की समय सीमा एक माह के लिए बढ़ाने के बाद दिल्‍ली विकास प्राधिकरण (डीडीए ) की लैंड पूलिंग पॉलिसी में किसानो की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। डीडीए अधिकारियों को उम्मीद है कि एन और पीट जोन में तो पूल की गई जमीन की 70 फीसद न्यूनतम सीमा को प्राप्त कर लिया जाएगा। मालूम हो कि किसी भी एक जोन को विकसित करने के लिए वहां डीडीए के पास उस सेक्टर में कम से कम 70 फीसद जमीन होनी चाहिए। अभी अंतिम दो दिनों में पंजीकृत जमीन का दायरा और बढ़ सकता है।

Courtesy:- https://epaper.jagran.com/epaper/05-sep-2019-4-delhi-city-edition-delhi-city-page-3.html