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अनिल बैजल ने लैंड पूलिंग पॉलिसी को दी मंजूरी, 17 लाख नए घर बनाने का रास्ता साफ

Posted By : Sep 08 2018

Posted On : Delhi Lpp

नई दिल्ली | प्रमुख संवाददाता: दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने शुक्रवार को लैंड पूलिंग नीति को मंजूरी दे दी। डीडीए के इस फैसले से राजधानी में 17 लाख नए घर बनने का रास्ता साफ हो गया है। ये निर्माण कार्य 95 गांवों में किया जाएगा। इनमें पांच लाख घर आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लिए होंगे।

बैठक की अध्यक्षता उपराज्यपाल अनिल बैजल ने की। डीडीए का दावा है कि इसकी मदद से गरीब परिवारों को सस्ते मकान उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इसका लाभ दिल्ली के लाखों किसानों को होगा। अब इस नीति को मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय भेजा जाएगा।

दो एकड़ जमीन जरूरी:लैंड पूलिंग नीति के तहत डीडीए जमीन सुविधा उपलब्ध कराने वाली एजेंसी की भूमिका में काम करेगा। किसी जमीन पर निर्माण कार्य से पूर्व डीडीए से पंजीकरण कराना होगा। किसी भी निर्माण गतिविधि के लिए कम से कम दो एकड़ जमीन की जरूरत होगी। यह जमीन एक व्यक्ति, संस्था या विभिन्न छोटी जमीन रखने वाले समूह के पास भी हो सकेगी।

40 प्रतिशत काम डीडीए करेगा: विकास मॉडल के लिए 60 व 40 प्रतिशत का अनुपात सुनिश्चित किया गया है। इसके तहत 40 प्रतिशत काम डीडीए करेगा और 60 प्रतिशत काम डेवलपर के हिस्से में होगा।.

लैंड पूलिंग पालिसी पास होने में लगे पांच साल

2013 में लैंड पूलिंग नीति पर काम शुरू हुआ .

2015 में अधिसूचना जारी हुई पर तकनीकी कारणों से नीति लागू नहीं हो पाई .

2017 में इस नीति को सरल बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई.

2018 सितंबर में लैंड पूलिंग नीति को मंजूरी मिली.

ये चार फायदे होंगे

प्रोजेक्ट जल्दी मिलेंगे : इस योजना के बाद पहले से चल रहे प्रोजेक्ट के मालिकों पर दबाव बढ़ेगा कि वे इसे जल्द से जल्द पूरा करें। .

अनधिकृत कब्जे हटेंगे : अनधिकृत रूप से मकान बनाकर लोगों को अवैध रूप से बेचे जा रहे मकानों पर रोक लगेगी।.

किसान भी बना सकेंगे इमारत: किसान खुद भी बहुमंजिला इमारत बना सकेगा। इसके लिए उसे सरकार से मंजूरी लेनी होगी। .

डेवलपर को बेच सकेंगे जमीन: डीडीए सीधे किसानों से जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगा। किसान जमीन को किसी भी निजी डेवलपर को बेच सकेंगे। कीमत भी खुद तय कर सकेंगे। .

इस नीति के लागू होने आवास की कमी को पूरा किया जा सकेगा। सबसे अधिक लाभ आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को मिलेगा। उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

source From: http://epaper.livehindustan.com/epaper/Delhi-NCR/Delhi-NCR/2018-09-08/1/Page-3.html